11 अगस्त, 2020|9:44|IST

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भारत और अमेरिका में बैन लगने के बाद यूरोप में अपनी बादशाहत बरकरार रखने में जुटा टिकटॉक

भारत में बैन लगने के बाद टिकटॉक दूसरे देशों में अपने क्रिएटर्स को खोना नहीं चाहता। यूरोप में अपनी बादशाहत बरकरार रखने के लिए टिकटॉक ने यूरोप के क्रिएटर्स के लिए 54 मिलियन पाउंड (530 करोड़ रुपये) के फंड की घोषणा की है। अन्य ऐप से मिल रही कड़ी टक्कर के मद्देनजर टिकटॉक ने क्रिटएर्स को भुगतान करने की बात कही है।

यूरोप सहित पूरी दुनिया में ऑनलाइन शॉर्ट वीडियोज़ के कई ऐप आ गए हैं, इसलिए कंपनी ने बाज़ार में अपना नाम बनाए रखने के लिए फंड की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि वह  प्रतिभाशाली व्यक्तियों को अपनी रचनात्मकता को करियर में बदलने का अवसर देना चाहता है। उसे उम्मीद है कि अगले तीन सालों मेंं उसकी कमाई बढ़कर 231 मिलियन पाउंड (22.6 अरब रुपये)हो जाएगी।

एक ऐसे ही फंड की घोषणा अमेरिका के क्रिएटर्स के लिए भी की गई थी। यहां क्रिएटर्स के लिए 200 मिलियन डॉलर (14.9 अरब रुपये) के फंड की घोषणा की गई थी। लेकिन अमेरिका में आज टिकटॉक पर बैन लगने जा रहा है ऐसे में ये कहा जा सकता है कि टिकटॉक की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।  भारत और अमेरिका से बैन होने के बाद टिकटॉक दूसरे देशों में अपनी नई योजनाएं लेकर आ सकता है।

टिकटॉक के अमेरिकी परिचालन के अधिग्रहण पर बातचीत कर रही है माइक्रोसॉफ्ट
 

मीडिया में शुक्रवार को आई एक खबर के मुताबिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक के अमेरिकी परिचालन के अधिग्रहण की दिशा में अग्रिम दौर की बातचीत कर रही है जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन चीन के स्वामित्व वाले इस वीडियो ऐप पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “हम टिकटॉक पर विचार कर रहे हैं। संभवत: हम टिकटॉक को प्रतिबंधित करेंगे।”
 

भारत ने टिकटॉक समेत 106 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया है और इस कदम का अमेरिकी प्रशासन एवं सांसदों दोनों ने स्वागत किया है। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हम कुछ अन्य चीजें भी कर सकते हैं। कई विकल्प हैं। लेकिन इस बीच बहुत सारी चीजें हो रही हैं तो देखना होगा कि क्या होता है। पर टिकटॉक के संबंध में हम बहुत सारे विकल्पों को देख रहे हैं।”

“वॉल स्ट्रीट जर्नल” ने शुक्रवार की रात खबर दी कि भारतीय मूल के अमेरिकी सत्य नडेला की अगुवाई वाली कंपनी माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक के अमेरिकी काम-काज को अधिगृहित करने की वार्ता में काफी आगे बढ़ चुकी है। यह सौदा अरबों डॉलर का हो सकता है। अखबार ने खबर दी, “मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक सोमवार तक एक सौदा पूरा हो सकता है और इस बातचीत में माइक्रोसॉफ्ट, बाइटडांस और व्हाइट हाउस के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। बातचीत में बदलाव संभव है और सौदा नहीं भी हो सकता है।” चीन की बाइटडांस टिकटॉक की मूल कंपनी है।

हाल के कुछ हफ्तों में, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने टिकटॉक पर अमेरिकियों की निजी सूचना एकत्र करने का आरोप लगाया था। उन्होंने सदन की विदेश मामलों संबंधी समिति के सदस्यों को बृहस्पतिवार को बताया, “भारत ने टिकटॉक समेत 106 चीनी ऐप को प्रतिबंधित किया है जो उसके नागरिकों की निजता एवं सुरक्षा के लिए जोखिम खड़े कर रहे थे। मीडिया में आई खबरों में यह भी कहा गया कि ट्रंप प्रशासन जल्द ही बाइटडांस को टिकटॉक के अमेरिकी परिचालन के स्वामित्व से वंचित कर सकता है।
 

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  • Web Title:After the ban in India and the United States Tiktok is trying to create market in Europe