5 अगस्त, 2020|3:44|IST

अगली स्टोरी

वृष

4 अग॰ 2020

मन अशान्त रहेगा। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सन्तान को कष्ट रहेगा। किसी भवन या सम्पत्ति से धन की प्राप्ति हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

5 अग॰ 2020

आत्म संयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। कारोबार में परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। परिवार में मान-सम्मान मिलेगा। आय वृद्धि के नवीन स्रोत विकसित हो सकते हैं। सन्तान को कष्ट रहेगा। परिश्रम अधिक रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

6 अग॰ 2020

मन अशान्त हो सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बदलाव की सम्भावना है। परिश्रम अधिक रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान बढ़ सकता है। आय की स्थिति अभी यथावत रहेगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

week32-2020

वृष : (21 अप्रैल-20 मई)
आत्म विश्वास में वृद्धि होगी, धार्मिक संगीत के प्रति रूझान बढ़ेगा। कुटुंब परिवार के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शासन सत्ता का सुख मिलेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। नौकरी में परिवर्तन की संभावना बन रही है, मित्रों का सहयोग मिलेगा। (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 अग॰ 2020

मन परेशान रहेगा। मास के प्रारंभ में कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं। परिश्रम के बावजूद भी यथोचित परिणाम संदिग्ध हैं। 17 अगस्त से कार्यक्षेत्र की स्थिति में सुधार तो होगा, लेकिन जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार भी हो सकते हैं। दवाई आदि पर खर्च बढ़ सकते हैं। व्यर्थ के विवाद की स्थिति से दूर रहने का प्रयास करें। संपत्ति में निवेश का अवसर मिल सकता है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा )

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)