11 अगस्त, 2020|10:20|IST

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वृष

10 अग॰ 2020

कारोबार पर ध्यान दें। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी सम्पत्ति से धनार्जन के अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। वाणी में सौम्‍यता तो रहेगी, लेकिन स्‍वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। माता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। रहन-सहन कष्‍टदायी हो सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

11 अग॰ 2020

नौकरी में कार्यक्षेत्र में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। परिश्रम अधिक रहेगा, परन्तु सफलता में विलम्ब हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। अधिक परिश्रम के बावजूद भी सफलता संदिग्ध है। आय की स्थिति में सुधार होगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

12 अग॰ 2020

मन परेशान हो सकता है। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेगें, परन्तु कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। यात्रा सुखद रहेगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

week33-2020

वृष :
सप्ताह के शुरू में कोई सुखद समाचार मिल सकता है, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, लेकिन आत्म संयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें, माता से धन प्राप्ती के योग बन रहे हैं। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी, किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी, परंतु किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 अग॰ 2020

मन परेशान रहेगा। मास के प्रारंभ में कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं। परिश्रम के बावजूद भी यथोचित परिणाम संदिग्ध हैं। 17 अगस्त से कार्यक्षेत्र की स्थिति में सुधार तो होगा, लेकिन जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार भी हो सकते हैं। दवाई आदि पर खर्च बढ़ सकते हैं। व्यर्थ के विवाद की स्थिति से दूर रहने का प्रयास करें। संपत्ति में निवेश का अवसर मिल सकता है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा )

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)