3 अगस्त, 2020|2:38|IST

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मीन

2 अग॰ 2020

धैर्यशीलता बनाये रखने का प्रयास करते रहें। परिवार का साथ मिलेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। सन्तान को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। परिवार की समस्या परेशान कर सकती है। किसी पैतृक सम्पत्ति की प्राप्ति हो सकती है। धन की प्राप्ति भी हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मीन

3 अग॰ 2020

क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। पारिवारिक समस्या अभी परेशान करेंगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मीन

4 अग॰ 2020

अपनी भावनाओं को वश में रखें। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। धैर्यशीलता में कमी आएगी। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि भी होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेगें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मीन

week32-2020

मीन : (19 फरवरी-20 मार्च)
मन में निराशा और असंतोष की भाव उत्पन्न हो सकते हैं, किसी पुराने मित्र के साथ यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं। नौकरी में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इच्छा विरुद्ध कार्यक्षेत्र में वृद्धि संभव है। बातचीत में संयत रहें, खर्चों में वृद्धि होगी। वस्त्रादि उपहार स्वरूप प्राप्त हो सकते हैं।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

मीन

1 अग॰ 2020

मास के प्रारंभ में क्रोध व आवेश की अधिकता हो सकती है। 17 अगस्त से वाणी में कठोरता का प्रभाव बढ़ सकता है। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। संतान के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। किसी पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वाहन सुख की प्राप्ति होगी। सेहत के प्रति सचेत रहें। (पंडित राघवेंद्र शर्मा )

मीन

1 जन॰ 2020

मीन- (19 फरवरी- 20 मार्च)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्‍मविश्‍वास से भरपूर रहेंगे। परिवार में सुख शान्ति रहेगी। 25 जनवरी के बाद आय में वृद्धि होगी। परन्तु शैक्षिक कार्यों में कठिनाई आ सकती हैं। सन्तान को कष्ट होगा। दो फरवरी से धैर्यशीलता में कमी आएगी। लेखनादि, बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। 12 मई से नौकरी में कठिनाइयां आ सकती हैं। 30 सितम्बर के बाद सुधार होगा। विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। धार्मिक कार्यों एवं पूजा-पाठ में व्यवधान आ सकते हैं। 21 नवम्बर के बाद कार्यक्षेत्र में तरक्‍की हो सकती है। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिलेंगे। वर्ष के अन्त में किसी मित्र के सहयोग  से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। परन्तु पारिवारिक कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा।

उपाय-

1-सवा पांच रत्ती का पुखराज सोने की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करें।

2-प्रतिदिनि प्रातः स्नान करके ‘आदित्य हृदय स्तोत्रका पाठ करके ताम्बे के लौटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड तथा रोली डालकर जल की धार बनाकर सूर्य की तरफ मुंह करके अर्पित कर दें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)